॥ श्री गणेशाय नमः ॥
मंगलम् भगवान विष्णु, मंगलम् गरुड़ध्वजः।
मंगलम् पुण्डरीकाक्षः, मंगलाय तनो हरि॥
विघ्न हरण मंगल करण श्री गणपति महाराज।
प्रथम निमंत्रण आपको पूरण करियो काज॥
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परम स्नेही स्वजन,
परमपिता परमात्मा एवं पूर्वजों की असीम अनुकम्पा से
चि. विभोर कुलश्रेष्ठ
संग
सौ. कां. वंशिका कुलश्रेष्ठ
वर पक्ष (Groom)
सुपौत्र : स्व० श्रीमती सरलेश कुलश्रेष्ठ एवं स्व० श्री भगवती प्रसाद
सुपुत्र : श्रीमती बबिता कुलश्रेष्ठ एवं श्री प्रदीप कुलश्रेष्ठ
सुपुत्र : श्रीमती बबिता कुलश्रेष्ठ एवं श्री प्रदीप कुलश्रेष्ठ
मूल निवासी : नगला हरी राम, खांडा (आगरा)
हाल निवास : पुष्पाञ्जली उपवन, मथुरा
वधू पक्ष (Bride)
सुपौत्री : श्रीमती कमलेश कुलश्रेष्ठ एवं स्व० श्री सत्यप्रकाश कुलश्रेष्ठ
सुपुत्री : श्रीमती रीतिका कुलश्रेष्ठ एवं स्व० श्री सुशील कुलश्रेष्ठ
सुपुत्री : श्रीमती रीतिका कुलश्रेष्ठ एवं स्व० श्री सुशील कुलश्रेष्ठ
निवासी : संजय नगर, एटा
के मंगल परिणय
की इस मधुर बेला पर आपको सादर आमंत्रित करते हैं।
कृपया पधार कर वर–वधू को आशीर्वाद प्रदान कर हमें अनुग्रहित करें।
मंगलवार, 24 नवम्बर 2026
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आगरा
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